International Journal For Multidisciplinary Research(2024)
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摘要
भारत की शिक्षा प्रणाली की शुरुआत ब्रिटिश शासन काल से मानी जा सकती है, लेकिन आजादी के बाद आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली को नए सिरे से तैयार करने की जरूरत महसूस की गई। यद्यपि उस समय की शिक्षा व्यवस्था भारतीय आवश्यकताओं के अनुकूल थी परन्तु हमने अनुभव किया कि इसमें भारत की संस्कृति का सम्मान नहीं किया जाता था तथा यह अत्यधिक सैद्धान्तिक थी जिसके कारण भारत आत्मनिर्भरता आदि प्राप्त नहीं कर पा रहा था। देश की आवश्यकता और आम लोगों की शैक्षिक आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षिक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद समय-समय पर भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार किये गये। इसी क्रम में भारत को सशक्त बनाने के लिए नई शिक्षा नीति 2020 सामने आई। प्रस्तुत लेख में भारत की वर्तमान शिक्षा प्रणाली के विभिन्न स्तरों के बारे में चर्चा करने का प्रयास किया गया है तथा आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली के परिवर्तन का परिचय: चर्चा की गई है। भारतीय ज्ञान प्रणाली के शैक्षिक निहितार्थ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में" शीर्षक वाले इस अध्ययन में हमने भारतीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं को जाँचा है और उनके संदर्भ में भारतीय ज्ञान प्रणाली के शैक्षिक निहितार्थ को विश्लेषण किया है। यह अध्ययन भारतीय शिक्षा नीति 2020 में उठाए गए कदमों को विशेष ध्यान में रखते हुए, भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रमुख सिद्धांतों, शैक्षिक मूल्यों, और संस्कृति के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है, उनकी व्याख्या करता है। यह अध्ययन भारतीय शैक्षिक परिदृश्य में गरीबी की छवि को तोड़कर और सामाजिक समावेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली के आधारित शिक्षा के नए प्रारूपों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, यह अध्ययन विविध शैक्षिक विकल्पों, उदारीकरण के नए माध्यमों, और अद्यतन पाठ्यक्रमों के अनुसार आने वाले शिक्षा प्रणालियों के विकास के संभावित परिणामों की भी चर्चा करता है।